भारत के रंग – एक नर्तक के संग : विवरण

भारत के रंग – एक नर्तक के संग : विवरण

हम एक बेहतर साप्ताहिक शुरुआत की उम्मीद नहीं कर सकते |
QAM २०१२ का शुभारम्भ टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेस में शनिवार २१ जनवरी को एक शास्त्रीय नृत्य प्रदर्शन के साथ हुआ |

उदघाटन:

प्रो ई. तौपोऊ, जो पिछले 3 दशकों से Tiss के साथ संबद्ध हैं और Tiss में कई सामाजिक पर्यावरण पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, ने दीप प्रज्जवलित करके समलैंगिक आजादी 2012 मुंबई: प्राइड वीक’ का शुभारम्भ किया |

21 जनवरी की सांझ को , टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान पर शास्त्रीय नृत्य की एक अद्भुत और जादूभरी प्रस्तुति देखि गयी | भारत के रंग – एक नर्तक के संग, जहाँ नीलेश सिंघा और अमोल ने भरतनाट्यम तथा सुनील संकरा एवं सौरभ मसूरकर ने कत्थक प्रस्तुत किया | इसके साथ ही सारंग भाकरे ने एक नाटकीय काव्य पाठ किया |

नीलेश और सौरभ ने कार्यक्रम की शुरुआत एक वंदना के साथ की | उसके बाद उन्होंने शिव पर आधारित एक कृति प्रस्तुत की | सुनील ने तीन ताल पे अपने कदम थिरकाए तथा एक ठुमरी एवं नटवारी भी प्रस्तुर की | उसके बाद सौरभ ने तीन ताल को और लम्बा खीच्न्चते हुए अधित तकनीकी बारीकियां नृत्य में पेश कीं |

उसके बाद सुनील ने राग यमन प्रस्तुर किया जिसका शाब्दिक अर्थ है – मन को शान्ति देने वाला | उसके साथ ही सुनील ने द्रौपदी के वस्त्रहरण का एक सुन्दर नृत्य रूपांतरण दिखाया |
कत्थक और भरतनाट्यम के संयोग ने भारतीय संस्कृति के मिलन को बहुत ही सुन्दरता से प्रस्तुत किया |
सारंग भाकरे ने एक मराठी कविता प्रस्तुत की तथा अमोल ने एक बॉलीवुड के गानों के मिश्रण पे भरतनाट्यम प्रस्तुत करके सबका मन मोह लिया |

इसके बाद सुनील ने “लागी तुमसे मन की लगन” गाने पे एक मनमोहक प्रस्तुति दी जिसमें पंडित बिरजू महाराज की जादूभरी कदम चहली थी |
शाम का अंत हुआ रविंद्रनाथ टैगोर की कविता “एकला चलो रे” के साथ जिसने वहां बैठी जनता में से बहुत से लोगों की आँखें नाम कर दीं |

लेखक: सौरभ मसूरकर
अनुवादक – शान प्रभाकर

शुभाराम्भ |

शुभाराम्भ |

क्वीयर आज़ादी मुंबई के साप्ताहिक कार्यक्रमों का शुभाराम्भ |

 आज मुंबई में  QAM के अंतर्गत होने वाली साप्ताहिक गतिविधियों का  शुभारम्भ हो रहा है |

कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और जानें आज होने वाले कार्यक्रमों के बारे में |

QAM आपको आमंत्रित करता है २८ जनवरी को होने वाली समलैंगिक समर्थन मार्च के लिए | हमसे जुड़ें किसी भी लिंग या लैंगिकता के भेद भाव के बिना और जश्न मनाएं एक जीवन जीने का जो की किसी भी तरह की घृणा से परे है |
जैसा की इस ब्लॉग के दूसरी पोस्ट में आपने देखा, हमने पूरे सप्ताह भर के लिए अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किये हैं  आपके मनोरंजन तथा ज्ञानवर्धन के लिए |
यह कार्यक्रम २८ जनवरी २०१२ तक चलेंगे और QAM मार्च के साथ समाप्त होंगे |

हम आपसे निवेदन करते हैं की कार्यक्रमों के शुभारम्भ में हमारा साथ दें | QAM प्राइड वीक टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेस, देवनार, मुंबई में शुरू हो रहा है |
कार्यक्रम की शुरुआत २१ जनवरी २०१२ को २ बजे एक फोटो प्रदर्शनी की साथ होगी | उसके बाद ५ बजे कत्थक तथा भरतनाट्यम के अद्भुत प्रदर्शन का एक कार्यक्रम होगा |

इसके अलावा, अगर आप फोनिक्स माल के करीब रह रहे हैं, तोह हास्य स्टोर को नहीं भूलें @पैलेडियम, फीनिक्स मिल्स जहाँ महाबनू कोतवाल और कैजाद कोतवाल द्वारा लिखा गया नाटक – “लव इज इन दे एर” का प्रदर्शन होगा |

निकटतम Tiss स्टेशन  हार्बर लाइन में गोवंडी है. आप स्टेशन के पूर्व की ओर से एक रिक्शा ले और ”Tiss” या देवनार बस डिपो बता कर सरलता से पहुँच सकते हैं | यदि आप अपना रास्ता नहीं ढूंढ प् रहे हैं तोह +९१९६१९१४३७८ पर युदा को फोन करके दिशा पूछ सकते हैं |

Tiss और नक्शे के लिए निर्देश के लिए आप www.tiss.edu में ”हमसे संपर्क करें” टैब पर क्लिक सकते हैं |
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हरीश अय्यर. +919833100340 @
प्रफुल्ल बावेजा @ +919870213831
+919867397744 @ सीबी माथेनपोस्टर और अन्य जानकारी के लिए या अगर आप एक लेख का मसौदा तैयार कर रहे हैं तोह कृपया इस लिंक ”प्रेस किट“ पर क्लिक करके प्रेस किट डाउनलोड करें.हमें आपका इन्तेजार रहेगा :)